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दंगल मैन : महावीर सिंह फोगाट जीवन परिचय | Mahavir Singh Phogat biography in hindi

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Mahavir Singh Phogat biography in hindi (महावीर सिंह फोगाट जीवन परिचय)

महावीर सिंह फोगाट एक मशहूर पहलवान रहे हैं और  उन्होंने ओलिंपिक में भी भारतीय पहलवानी टीम की कोचिंग की है। महावीर सिंह फोगाट को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा भारतीय पहलवानी में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड  नामित किया गया था जिसके उपरांत उन्हें ये पुरुस्कार तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के द्वारा दिया गया। यही नहीं वो कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 और 2014 में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला पहलवानो गीता और बबिता फोगाट के पिता और कोच हैं। महावीर सिंह जी का जीवन चुनौतीपूर्ण था और इसी करना उनके इस संघर्षपूर्ण जीवन से लोग प्रेरणा ले सके इसके लिए उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म “दंगल” 2016 में आयी थी जिसमे उनके किरदार में आमिर खान नजर आये थे।

महावीर सिंह फोगाट जीवन परिचय | Mahavir Singh Phogat biography in hindi

महावीर सिंह फोगट जीवन परिचयMahavir Singh Phogat biography in hindi
नाममहावीर सिंह फोगाट
उपनामफोगाट जी
जन्म की तिथिपता नहीं
जन्म स्थानबलाली गांव, चरखी दादरी जिला, हरियाणा
राष्ट्रीयताभारतीय
स्कूलपता नहीं
कॉलेजपता नहीं
पिता का नामपता नहीं
माता का नामज्ञाना देवी
भाई का नामस्वर्गीय राजपाल फोगाट, सज्जन फोगाट
वैवाहिक स्थितिविवाहित
पत्नीदया कौर
बेटीगीता, बबिता , रितु और संगीता फोगाट
बेटादुष्यंत
व्यवसायपूर्व भारतीय पहलवान
जातिपता नहीं
संपत्तिपता नहीं
पसंदीदा भोजनदूध और दुग्ध से बनने उत्पाद

महावीर सिंह का जन्म हरियाणा के छोटे से गांव बलाली में हुआ था जो की भिवानी जिले में आता है, उनका जन्म तो एक छोटे से गांव में हुआ लेकिन उन्होंने सपने कभी भी छोटे नहीं देखे। हरियाणा का यह प्रान्त पहलवानी के लिए जाना जाता रहा है और उन्होंने भी काफी काम उम्र में ही पहलवानी के सारे गुड़ सिख लिए, महावीर सिंह जी एक बेहतरीन पहलवान थे लेकिन उनको उनकी प्रतिभा के मुताबिक ख्याति और सफलता नहीं मिल पायी और इसका मलाल उन्हें हमेशा रहा।  इसी बीच उनका विवाह दया कौर जी से हुआ और जिनसे उन्हें चार पुत्रियाँ हुई गीता, बबिता रितु और संगीता । 

तब गांव का माहौल ऐसा था की लोग बेटियों को जन्म लेते ही मार दिया करते थे , लेकिन  महावीर जी इस कुरीति के बिल्कुल खिलाफ थे उन्होंने अपने बेटियों को न केवल जीवित रखा बल्कि उन्होंने ठान लिया की मैं इन बेटियों को ऐसा बनाऊंगा की आज जो लोग ये कहते हैं की इनको मार दो वो ही मेरी बिटिया का नाम गर्व से लेंगे और मेरी बेटियों का नाम न सिर्फ मेरा बल्कि देश की शान भी बढ़ने वाला होगा। 

Mahavir Singh Phogat Biography in Hindi | महावीर सिंह फोगाट जीवन परिचय
Mahavir Singh Phogat Biography in Hindi | महावीर सिंह फोगाट जीवन परिचय

और इसी मिशन में को पूरा करने के लिए काफी काम उम्र में ही उन्हों ने अपनी दोनों ही बेटियों को पहलवानी सीखाना शुरू कर दिया , उनके इस बात का गांव में बहुत विरोध हुआ लोगों ने उन्हें उलटी सीधी बहुत सारी बातें कही उनसे कहा गया की “ बेटी को ये उछाल कूद न सिखाओ, इसे दूसरे घर जाना है , घर सम्हालना सिखाओ, शादी की उम्र में क्या इनसे पहलवानी करवाओगे “ हुए ये विरोध इतना बढ़ गया की उन्हें वो गांव छोड़ कर दूसरी जगह शरण लेनी पड़ी।  लेकिन इससे भी मवीर सिंह जी विचलित नहीं हुए और उन्होंने अपनी बेटियों का प्रशिक्षण जारी रखा और इन सभी परेशानियों से लड़ते हुए उन्होंने एक दो नहीं चार-चार महिला स्वर्ण पदक विजेता तैयार कर दिए। 

महावीर सिंह जी ने अपनी बेटियों गीता, बबिता, रितु, संगीता के अलावा अपने छोटे भाई और पहलवान राजपाल फोगाट की बेटियों विनेश फोगाट और प्रियंका फोगाट को अपने भाई की मृत्यु होने के बाद भी इन्हे पहलवानी की ट्रेनिंग देते रहे और प्रसिद्ध महिला पहलवान बनाया। 

ये छह बहनें फोगाट बहनो (Phogat Sisters) के नाम से मिडिया में बहुत मशहूर हैं। 

गीता फोगाट जीवन परिचय 

गीता फोगट का जन्म 15 दिसम्बर 1988 को हरियाणा के बलाली गाँव में हुआ था. गीता को बचपन से ट्रेनिंग उनके पिता महावीर ने दी है, यही उनके कोच रहे. गीता पहली महिला रेसलर है, जिन्हें गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया. इससे पहले किसी महिला रेसलर ने भारत के लिए गोल्ड मैडल नहीं जीता था. 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 55 kg फ्री स्टाइल कॉम्पटीशन के अंतर्गत गीता फोगट ने गोल्ड मैडल जीता था. गीता भारत की ओर से पहली महिला रेसलर रही, जिन्होंने ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था.

गीता फोगट जो की महावीर सिंह फोगट जी की बड़ी बेटी हैं, इनका जन्म भी बलाली गांव में ही 15 दिसंबर 1988 में हुआ था, महावीर सिंह जी ने बचपन से इन्हे पहलवानी की विधा सिखाई। आपको यह जानकर हैरानी होगी की 2010 में कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के पहलवानी के इतिहास में पहला स्वर्ण पदक जितने वाली महिला पहलवान गीता फोगट थी और उस वक्त उनको कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारी कराने के लिए महावीर सिंह जी ने अपनी नौकरी तक छोड़ दी थी। 

इनदोनो पिता-पुत्री का जूनून ही था जिसने भारत को ये स्वर्णिम दृश्य दिखाए जब पहली बार भारत का तिरंगा पोडियम पर सबसे ऊपर लहरा रहा था। इसके साथ ही वो ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली महिला रेसलर भी बनी। 

गीता फोगट करियर –

  • सन 2009 जालंधर पंजाब में हुए कॉमनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में गीता ने गोल्ड मैडल जीता था.
  • सन 2010 में दिल्ली में हुए अन्तराष्ट्रीय कॉमनवेल्थ गेम्स में गीता ने ऑस्ट्रेलिया की एमिली बेनस्टेड को 1-0, 7-0 से हराकर भारत को महिला रेसलिंग के इतिहास में पहला स्वर्ण पदक जिताया। 
  • सन 2012 में एशियाई ओलंपिक टूर्नामेंट में गीता ने क्वालीफाइंग मैच में गोल्ड मैडल जीता था. लेकिन टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा और गीता ने इस टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता। 
  • 2012 में ही विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप जो की कनाडा में आयोजित किया गया था उसमे भी कांस्य पदक जीती। 
  • इसके बाद 2013 में हुए कॉमनवेल्थ  रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्हें फाइनल मैच में नाइजीरिया की पहलवान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
  • साल 2015 में हुए एशियाई ओलंपिक टूर्नामेंट में भी गीता को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। 

बबिता फोगाट जीवन परिचय

बबिता फोगाट , गीता फोगाट की छोटी बहन और महवीर सिंह जी की छोटी बेटी हैं , इनका जन्म 20 नवंबर 1989 को हरियाणा में हुआ वो भी अपनी बड़ी बहन गीता फोगाट की तरह ही नामचीन महिला पहलवान हैं और उन्होंने 2009 से लेकर 2015 तक खेले गए सभी पहलवानी की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 

वो सामाजिक उत्थान के कार्यों में भी काफी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती देखि गयी है, लड़कियों को शिक्षा मिले इस विषय पर लोगो को जागरूक करने के लिए उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और विषेशकर वो अपने गांव में लड़कियों के अधिकार को ले कर काफी जागृत रहती हैं और वहां के लोगो को भी इसके प्रति जागरूक करती है। 

इनको भी पहलवानी के गुड़ महावीर सिंह फोगाट जी ने ही सिखाये। 

बबिता फोगाट करियर –

  • बबिता ने सबसे पहले 2010 कॉमनवेल्थ खेलों में 51 kg श्रेणी में सिरकत की और उन्होंने उस साल रजत पदक हासिल किया। 
  • 48 kg भर वर्ग में खेलते हुए 2011 में विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 
  • 2012 में हुए विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में 51 kg बाहर वर्ग में उन्होंने रजत पदक जीता। 
  • 2013 में एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। 
  • 2014 कॉमनवेल्थ खेलों में उन्होंने कनाडा की ब्रितानी लावरदरे को 5-0,4-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 
  • 2014 के एशियन गेम्स में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वो कोई पदक नहीं जीत पायी। 
  • 2015 के एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में वो कांस्य पदक मैच में काजकिस्तान के पहलवान से हार के पदक की रेस से बहार हो गयी। 
  • 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में बबिता ने 53 kg बाहर वर्ग में रजत पदक जीता। 

रितु फोगाट जीवन परिचय

रितु का जन्म 2 मई 1994 को महावीर सिंह जी की तीसरी पुत्री के रूप में हरियाणा के बलाली गांव में हुआ, इनकी बाकि दो बहनो की तरह ही इन्होने बी पहलवानी में अपना करियर बनाया और इनको भी पहलवानी के गुड़ अपने पिता से ही प्राप्त हुए। 

इनको “The Indian Tigress” के नाम से भी जाना जाता है। इन्होने 2016 के कॉमन वेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और अभी ये मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स की खिलाडी हैं। 

रितु फोगाट करियर –

  • 2016 में उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रिय रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 
  • 2016 में ही सिंगापुर में खेले गए कॉमन वेल्थ खेलों में 48 kg भार वर्ग में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 
  • दिसम्बर 2016 में वो प्रो रेसलिंग लीग में सबसे महंगी महिला पहलवान बनी और उन्हें जयपुर निंजा ने 36 लाख में ख़रीदा। 
  • 2017 में उन्होंने अंडर-23 रेसलिंग चैंपियनशिप में 48 kg भार वर्ग में भारत के लिए रजत पदक हासिल किया। 
  • 2019 से वो मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खेल रही है और उसमे भी अपना अच्छा नाम बनाया है। 

संगीता फोगाट जीवन परिचय

संगीता फोगाट महावीर सिंह जी की सबसे छोटी बेटी हैना और ये भी एक पहलवान ही हैं। इन्होने Age-Level की अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। 

विनेश फोगाट जीवन परिचय

विनेश फोगाट का जन्म 25 अगस्त 1994 को महावीर फोगाट के छोटे भाई और पहलवान यशपाल फोगाट जी के यहां हुआ, इनकी छोटी बहन प्रियंका फोगट भी एक पहलवान ही हैं।  इनके पिता यशपाल जी की मृत्यु हो जाने के बाद महावीर सिंह जी ने अपनी चार बेटियों के साथ इन दोनो बहनो को भी पाला और पहलवानी सिखाई। 

Vinesh won gold medal in asiad games
2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में विनेश ने 50 kg भार वर्ग में उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता .
image source: twitter

विनेश फोगाट करियर –

  • 2013 में एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में 52 kg भार वर्ग में उन्होंने कांस्य पदक जीता। 
  • 2013 कॉमन वेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में 51 kg भार वर्ग में उन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीता। 
  • 2014 में कॉमन वेल्थ खेलों में 48 kg भार वर्ग में उन्होंने फिर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 
  • 2014 में ही खेले गए एशियन गेम्स में 48kg भार वर्ग में उन्हें रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। 
  • 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में विनेश ने 50 kg भार वर्ग में उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। 
  • 2019 के एशियाई रेसलिंग चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। 
  • 2019 ओपन रेस्टलिंग टूर्नामेंट में उन्होंने 53kg भार वर्ग में लगातर तीसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 
  • 2019 में विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर पहली भारतीय महिला पहलवान बनी जिन्होंने इस प्रतियोगिता में कोई पदक जीता हो। 
  • 2022 में 53 kg भार वर्ग में उन्होंने कॉमन वेल्थ खेलों में फॉर से स्वर्ण पदक जीत कर भारत को गौरवान्वित किया। 
  • 2022 में खेले गए विश्व रेसलिंग चैंपियनशिप में 53 kg भार वर्ग में उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ।

महावीर सिंह फोगाट से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ

  • फोगाट पूर्व भारतीय पहलवान हैं, और भारत की राष्ट्रीय कुश्ती टीम के वरिष्ठ ओलंपिक कोच हैं।
  • उन्होंने 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अपनी बेटियों को प्रशिक्षण देने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी और यह उनकी कड़ी मेहनत का फल था कि उनकी बेटी गीता ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता और बबिता ने रजत पदक जीता।
  • वर्ष 2012 में, उनकी बेटी गीता फोगाट ने विश्व चैंपियनशिप में एक कांस्य जीत कर उस वर्ष होने वाले ओलंपिक में अपनी जगह बनाई और इस तरह वह ओलंपिक में भाग लेने वाली पहली महिला पहलवान बनी।
  • भारतीय कुश्ती में उनके योगदान के कारण उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
  • उनकी पत्नी दया कौर लगातार तीन बार अपने गांव की सरपंच रही है।
  • फोगाट के संघर्षपूण जीवन के बारे में वर्ष 2016 में आमिर खान द्वारा एक फिल्म “दंगल” बनाई थी।
  • 21 दिसंबर 2016 को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में “अखाड़ा” नाम से एक पुस्तक जारी की गई थी।  इस पुस्तक में पूर्व पहलवान महावीर सिंह फाोगट के जीवन के  बारे में बताया गया है।

FAQ

महावीर सिंह फोगाट कौन हैं?

महावीर सिंह फोगाट एक भारतीय पहलवान हैं।

महावीर सिंह फोगाट का जन्म कब हुआ?

महावीर सिंह फोगाट का जन्म कब हुआ इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

महावीर सिंह फोगाट के कितने बच्चे हैं?

महावीर सिंह फोगाट के चार बेटी और एक बेटा है।

महावीर सिंह फोगाट पर कौन सी फिल्म बनी है?

महावीर सिंह फोगाट पर 2016 में दंगल मूवी बनी थी।

महावीर सिंह फोगाट का किरदार दंगल मूवी में किसने निभाया?

महावीर सिंह फोगाट का किरदार दंगल मूवी में आमिर खान ने निभाया।

निष्कर्ष

महावीर सिघ फोगाट के जीवन से हमें ये शिक्षा मिलती है की हमें जीवनपर्यन्त संघर्षरत रहना चाहिए और जीवन में आने वाली हर परेशानी का डंट कर सामना करना चाहिए। मेहनत का फल कभी जाया नहीं जाता देर-सवेर हमें हमारी मेहनत का फल मिलता ही है इसलिए कभी भी हमें मेहनत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए और अपने काम में कुशल बनने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए तभी हम सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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अभिषेक कुमार
अभिषेक कुमारhttps://cricketwatch.co.in
नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अभिषेक कुमार है और मैं बचपन से ही क्रिकेट के तरफ काफी आकर्षित रहा हूँ और उसी पैशन को मैं इस वेबसाइट के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ। आशा करता हूँ की आपको मेरे वेबसाइट पे उपयोगी, रोचक और बेहतरीन जानकारियां मिली होंगी।cricketwatch | क्रिकेटवॉच

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