Perth Stadium Pitch Report In Hindi, पर्थ स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
Perth Stadium Pitch Report: पर्थ स्टेडियम, जिसे वर्तमान में ऑप्टस स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है, पर्थ स्टेडियम, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में बना एक बहुउद्देश्यीय स्टेडियम है, जो बर्सवुड में स्थित है। इस स्टेडियम का निर्माण कार्य 2017 में पूर्ण हुआ और आधिकारिक तौर पर 21 जनवरी 2018 को इसे खेलों के आयोजन के लिए खोला गया। स्टेडियम की कुल क्षमता 61,266 है, जिसमें स्टैंडिंग रूम भी शामिल है, ये ऑस्ट्रेलिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टेडियम है।
इस मैदान पे पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमों के बीच 28 जनवरी 2018 में एकदिवसीय मैच के रूप में खेल गया था, जिसे इंग्लैंड ने 12 रन से जीता था।
इस मैदान पे बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों की ही मदद मिलती है।
औसत स्कोर
ODI – 405, T20I – 268 , BBL – 310 , WBBL – 275
गेंदबाजी
तेज गेंदबाज को पिच से खूब मदद मिलती है, यहाँ गेंद अच्छी मूव करती है साथ ही उन्हें पिच से भी गति और उछाल मिलता है।
बल्लेबाजी के लिए सुझाव
शुरुआती ओवर मे बलेबजों को यहाँ सम्हल के बल्लेबाजी करने की आवश्यकता है, क्योंकि नई गेंद से तेज गेंदबाजों को पिच से अधिक मदद मिलती है।
गेंदबाजी के लिए सुझाव
तेज गेंदबाज को पिच पे नियंत्रण के साथ गेंदबाजी करना आवश्यक रहता है नहीं तो उन्हें बल्लेबाज उनके विरुद्ध आसानी से बड़े शॉट खेल सकते हैं।
पर्थ स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
मेलबर्न की पिच भी तेज गति वाली है
इस पिच पर मुख्य रूप से बल्लेबाज और तेज गेंदबाजों और को मदद मिलती है।
इस मैदान पर बल्लेबाज अगर समय बिताते हैं तो बड़े शॉट्स खेल सकते हैं।
गेंदबाजों को अधिक सहायता मिलने के कारण इस मैदान पे ज्यादा बड़े स्कोर नहीं बने हैं।
इस पिच पर स्पिन गेंदबाजों के लिए कोई मदद नहीं है।
ज्यादातर मैच पहली पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं।
मैदान के आयाम : 165 x 130 m
कुछ ऐसे अवयव भी हैं जो मैदान के स्वरूप को प्रभावित कर सकते हैं जो इस प्रकार है –
मौसम: मौसम पिच के व्यवहार पर हमेशा से ही प्रभाव डालता रहा है। जहां बारिश हो रही है तो पिच को जिले और धीमा कर देता है वही धूप इसे सख्त और उछाल भड़ा बनाता है, गीले मैदान पे रन बनाना और बौंड़री लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्राउंडस्टाफ: ग्राउंडस्टाफ भी पिच के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं, ये उनपर ही निर्भर करता है की वो किस तरह की पिच तैयार करेंगे, अगर वो पिच पे घास छोड़ डे तो पिच मे उछाल होगी और तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, वही घास ना होने पे पिच धीमा होगा और स्पिनर्स को मदद मिलेगी।
पिछले मैच: पिच पर खेले गए पिछले मैच भी इसके व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं, कुओनकी पिच पे जितना ज्यादा खेल जाएगा उसकी मिट्टी और बनावट उतनी बिगड़ती जाएगी जो पिच के बर्ताव को बदल सकती है।
Perth Stadium Batting or Bowling
इस पिच पर मुख्य रूप से बल्लेबाज और तेज गेंदबाजों और को मदद मिलती है।
Perth Stadium Toss
टॉस जितने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करती है।
पर्थ स्टेडियम (Perth Stadium ) में अब तक Test- 3, ODI- 5, T20I – 7, BBL – 33, WBBL – 3 मैच खेले गए हैं।
पर्थ स्टेडियम में टॉस जीत के क्या चुनना फायदेमंद रहता है ?
ज्यादातर मैच पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए टीम ने जीते हैं जिसके कारण टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करती हैं।
निष्कर्ष | सन्दर्भ
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